डाॅ आदित्य कुमार अंशु
डाॅ आदित्य कुमार अंशु
डाॅ आदित्य कुमार अंशु
डाॅ आदित्य कुमार अंशु

डाॅ आदित्य कुमार अंशु

साहित्य सृजन, सामाजिक सेवा, कला आदि विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का समायोजन।

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नाम- डॉ० आदित्य कुमार ‘अंशु’

पिता- डॉ० रामसेवक ‘विकल’ (प्रख्यात साहित्यकार)

जन्मतिथि- 04-01-1970

पता- डॉ० रामसेवक ‘विकल’ साहित्य कला संगम संस्थान (पंजी०) इसारी सलेमपुर, बलिया (उ०प्र०)221709

मो०नं०- 9918206377, 7860338236

ई-मेल- dradityaanshu1@Gmail.com

 शिक्षा- बी०ए० (एस०सी० कॉलेज बलिया), एम०ए० ( टी0डी0 कॉलेज बलिया) ,पत्रकारिता (लाजपत नगर नई दिल्ली), शिक्षा विशारद (हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग इलाहाबाद)

अभिरुचि- साहित्य सृजन, सामाजिक सेवा, कला आदि विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का समायोजन। अभिनय ,मंच संचालन ,निर्देशन पटकथा व पार्श्वगीत लेखन तथा सर्वशिक्षा अभियान के द्वारा मऊ दूरदर्शन पर ‘लघु नाटिका’ में अध्यापक की भूमिका (2009), आकाशवाणी गोरखपुर के ‘देश हमार’ कार्यक्रम में वर्ष (2009) से अब तक काव्य पाठ,

दूरदर्शन केंद्र वाराणसी में 22 मार्च 2013 से अब तक काव्य पाठ।

विधा- गीत, गजल, कविता ,कहानी, नाटक, एकांकी, संस्मरण, निबन्ध आदि लेखन।

बलिया जनपद के प्रख्यात साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् डॉ० आदित्य कुमार अंशु को “गोल्डन केयर क्लब, बैंगलोर” की ओर से शिक्षा, साहित्य, स्वास्थ्य एवं अन्य समाज कल्याणकारी योगदानों के लिए वर्ष 2021 का “नेताजी सुभाषचंद्र बोस नेशनल बेस्ट सर्विस अवॉर्ड” दिया गया। यह अवॉर्ड एक ऑनलाइन समारोह में दिया गया।

|| बलिया के लाल “डॉ अंशु” को मिला भारत रत्न सरदार बल्लभ भाई पटेल “राष्ट्र रत्न पुरस्कार” ||

बलिया 3 नवम्बर 2019 ।। पद्द्म श्री डॉ मणि भाई देसाई मानव सेवा ट्रस्ट पूणे में आयोजित सरदार पटेल की जयंती पर डॉ आदित्य कुमार अंशु निवासी इसारी सलेमपुर बलिया को भारत रत्न सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्र रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।जिससे साहित्यकारों एवं क्षेत्रीय लोगो मे खुशी की लहर दौड़ गयी।अंशु जी की अभिरुचि साहित्य सरंचना, सामाजिक सेवा,कला के साथ ही साथ अभिनय,मंच संचालन,निर्देशन,पटकथा व पर्श्वगीत लेखन,गीत,गजल,कविता,कहानी,नाटक,एकांकी,संस्मरण आदि के लेखन में ज्यादे होते हुए भी ये इन विभिन्न विधाओं के साथ ही संपादन और पुस्तक प्रकाशन में भी इन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी है। सूच्य हो कि डॉ अंशु प्रख्यात साहित्यकार “डॉ राम सेवक विकल के सुपुत्र है।
हाल ही में विक्रम शिला हिन्दी विद्यापीठ गांधीनगर भागलपुर के तत्वावधान में महाराष्ट्र के वर्धा स्थित महात्मा गाँधी सेवा आश्रम में 23 वां सम्मान समारोह 12 व 13 अक्टूबर 2019 को सम्पन्न हुआ। जिसमे डॉ आदित्य अंशु के कर्मठता ,सुदीर्घ हिन्दी सेवा,सारस्वत साधना,, मिलती प्रतिष्ठा के आधार पर विक्रम शिला हिन्दी विद्यापीठ की अकादमिक परिषद की अनुसंशा पर “हिन्दी रत्न” सारस्वत सम्मान प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से पूरे भारत में सिर्फ पांच विद्वानो को यह सम्मान दिया जाता है।तत्कालीन संपादन में संघर्ष स्मारिका,आग्नेय अभिनंदन ग्रंथ,मधुरिमा,संवेदना, चितेरा अभिनंदन ग्रंथ के साथ ही साथ भोजपुरी में ‘भूकम्प’नामक पुस्तक भी लिखे है और आगे भी लेखन का सफर जारी है।
बताते चले कि डॉ अंशु पुरस्कृत हो जहाँ बलिया का मान बढ़ाया वहीं पिछले वर्षों में भी विक्रम शिला हिंदी विद्यापीठ द्वारा,विद्यासागर सम्मान,उत्तरप्रदेश गौरव सम्मान, भारतीय भाषा रत्न सम्मान,भारत गौरव सम्मान के साथ ही साथ भारतीय परिषद प्रयाग द्वारा भी डॉ अंशु को भारती शिखर सम्मान राज्यपाल महोदय के द्वारा भी प्राप्त हो चुका है।
Source : https://www.balliaexpress.in/2019/11/blog-post_13.html#.Xb78fFxvsJ8.whatsapp

 सम्पादन- 

‘संघर्ष स्मारिका’ वार्षिकांक का सम्पादन कार्य (2005),

‘आग्नेय अभिनन्दन ग्रंथ’ का संपादन कार्य (2011),

‘मधुरिमा’ काव्य संकलन का संपादन कार्य (2014) ,

‘संवेदना’ लघुकथा संकलन का संपादन कार्य (2015),

उपसंपादक- विश्व कल्याण धारा गड़वार, बलिया ( 2010)

उपसंपादक – प्रो0 के0 पी0 श्रीवास्तव अभिनंदन ग्रंथ (2016)

‘चितेरा अभिनंदन ग्रंथ’ का संपादन कार्य (2018),

सम्पादक मंडल- आचार्य महाप्रज्ञ जी स्मृति काव्य ग्रंथ ( 2020)

प्रकाशित पुस्तकें – 

भूकंप- क्षणिका शतक का भोजपुरी में अनुवाद (20 जून 2017)

प्रकाशक- 

डॉ0 विकल जी द्वारा स्थापित ‘साहित्य कला संगम’ सलेमपुर द्वारा कई पुस्तकों का प्रकाशन।

 पत्रों में प्रकाशित – 

‘क’ आंचलिक, साहित्य गौरव,आईना, मानवीय विचार,हिन्द क्रांति, हिंदुस्तान दैनिक,तुमुल तूफानी, मानस स्तम्भ इत्यादि।

पत्रिकाओं में प्रकाशित- 

अखिल भारतीय भोजपुरी ,विश्व कल्याण धारा ,संघर्ष वार्षिकांक , सच्ची तस्वीर, तुलसी प्रभा, साहित्य भारती, झारखंड प्रभा, समकालीन अभिव्यक्ति, बालवाणी, माई ,विकास संस्कृति , भोजपुरी माटी, नीलांचल, सुरुचि संस्कार, लोक यज्ञ, जगमग दीप ज्योति , त्रिवाहिनी, नवका अजोर, सुमन सागर , निर्भीक सन्देश, प्राची प्रतिभा, मानस वंदन, पीठ वार्ता भोजपुरिया अमन, स्मारिका, दिव्य तूलिका साहित्यायन इत्यादि।

 पुस्तकों में प्रकाशित – 

काव्य लोक, अंजुरी भर फूल ,बाल बांसुरी ,मन पाखी , काव्य तरंग,काव्य कुमुद, श्री गिरधर मालवीय अभिसंस्तवन, श्री देवपुरा अभिनंदन ग्रंथ ,श्री भोला प्रसाद आग्नेय अभिनंदन ग्रंथ , चितेरा दोहावली, अमृत महोत्सव (डाॅ० गार्गीशरण मिश्र ‘मराल’), दस्तावेज, पारस मणि , उ०प्र० के हिंदी साहित्य का परिचय कोष , राष्ट्रीय अस्मिता और साहित्य, सूरदास एवं साहित्य दर्पण, साहित्य निर्देशिका , भाव सरिता एवं सरिता काव्य संकलन, रहीम और साहित्य दर्पण , काव्य सरिता एवं संवाद , आकाश कुसुम, डाॅ० एस०एन० पांडेय स्मृति ग्रंथ, समसामयिक लेखन परंपरा के कवि और उनकी कविता , मधुरिमा , महामनस्क मनुज स्मृति ग्रंथ ,अपनी कविता सब की व्यथा, संवेदना, कमंडल , प्रो०के०पी० श्रीवास्तव अभिनंदन ग्रंथ, कृपालु, गोकुल, चितेरा अभिनन्दन ग्रंथ, कैलाशी अभिनन्दन ग्रन्थ

सम्मान व उपाधियाँ- 

भोजपुरी गौरव(‘बांगर’ साहित्य विकास परिषद नगरा बलिया द्वारा सम्मानित),

वाङ्मय मधुपर्क सम्मान व अंगवस्त्रम (हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा सम्मानित),

विक्रमशिला सम्मान, अंग सम्मान , मदार सम्मान (पूर्वांचल भोजपुरी परिषद सराय भागलपुर बिहार द्वारा सम्मानित),

साहित्य शिरोमणि ,उत्तर प्रदेश गौरव, भारतीय भाषा रत्न सम्मान , भारत गौरव, विद्यावाचस्पति, विद्यासागर (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ द्वारा सम्मानित ),

राष्ट्रीय कीर्ति भारती विद्श्री श्री सम्मान (इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट द्वारा सम्मानित ),

आरसी सम्मान ( श्री हरिबल्लभ सिंह आरती के कौस्तुभ महोत्सव जमशेदपुर द्वारा सम्मानित ),

‘ बाबू विश्वनाथ सिंह काव्य भूषण अलंकरण’ राष्ट्रीय सम्मान (अखिल भारतीय विकास संस्कृति साहित्य परिषद बिलासपुर द्वारा सम्मानित ),

भारतीय शिखर सम्मान (भारतीय परिषद प्रयाग द्वारा महामहिम पं० केशरी नाथ त्रिपाठी पश्चिम बंगाल के तत्कालीन राज्यपाल द्वारा सम्मानित),

इंटरनेशनल गोल्डेन अवार्ड (दीपदान फाऊंडेशन,मुंबई 2020)

ब्रिटिश वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा सम्मान (2020) ,

कलम कलाधर ,साहित्य सुधा सम्मान (ग्वालियर साहित्य एवं कला परिषद ग्वालियर द्वारा सम्मानित) तथा अन्य सैकड़ों संस्थाओ द्वारा सम्मानित।

पता-

डॉ० रामसेवक ‘विकल’ साहित्य कला संगम संस्थान (पंजी०) इसारी सलेमपुर, बलिया (उ०प्र०)221709

मो०नं०- 9918206377, 7860338236

ई-मेल- dradityaanshu1@Gmail.com

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