लेजेंड्स ऑफ बलिया


दुनियाभर में फैले अपनों को जोड़ेगा ‘लेजेंड्स ऑफ बलिया

देश ही नहीं बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहते हुए अपने हुनर के दम पर उपलब्धियां हासिल करने वाले जिले की तमाम हस्तियों को अपनों से जोड़ने के लिए जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (बलिया) ने एक अनोखी पहल की है। ‘लिविंग लेजेंड्स ऑफ बलिया नाम से विश्वविद्यालय ने एक मुहिम चलायी है। कालेज या विश्वविद्यालयों ने पुरातन छात्रों को तो अपने साथ जोड़ रखा है और समय-समय पर उन्हें संस्थानों में बुलाते रहे हैं लेकिन किसी विश्वविद्यालय द्वारा इस तरह का पहला प्रयास है। इसके तहत ऐसे सभी लोगों को एक प्लेटफार्म पर लाया जाएगा। गांव की माटी, संस्कृति से जोड़ने के साथ ही उनकी काबिलियत का उपयोग भी जिले की बेहतरी में किया जाएगा। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कल्पलता पाण्डेय की अगुवाई में इस दिशा में काम शुरू भी हो गया है। चार दिन पहले ही वेबिनार के जरिए कुछ लोगों से संवाद भी स्थापित किया गया है। बातचीत के दौरान आए सकारात्मक संकेत के बाद विवि की टीम पूरे उत्साह से इस मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने में जुट गयी है।

अबतक 41 की बन चुकी है सूची

‘लिविंग लेजेंड्स ऑफ बलिया मुहिम के तहत विश्वविद्यालय अबतक देश व दुनिया में उपलब्धि हासिल कर चुके जिले के 41 लोगों की सूची फाइनल कर चुका है। कुलपति की मानें तो जिस प्रकार का रिस्पांस मिल रहा है, उससे हम सभी उत्साहित हैं। विवि का प्रयास है कि इनके हुनर का लाभ जिले को भी मिले। ग्रुप से जुड़ने से इनकी भावात्मक भूख तो मिटेगी ही, जिले के युवा भी अपने जिले के इन रोल मॉडल के बारे में जानकर कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित होंगे।

अमेरिका से कनाडा तक हैं बलिया के धुरंधर

जिले के प्रतिभाशाली लोग देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही दुनिया भर में फैले हुए हैं। मिड्ढा गांव निवासी मौसम वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ जगदीश शुक्ल जॉर्ज मेशन यूनिवर्सिटी यूएसए में प्रोफेसर हैं। दुबहड़ के रामेश्वर चौबे कनाडा में वैज्ञानिक हैं तो डा. संजय मिश्र आस्टे्रलिया के कैंसर इंस्टीट्यूट में हैं। सिकंदरपुर के रहने वाले डा. संजय राय इस समय एम्स में हैं और कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटी मेडिकल टीम के अगुवा हैं। वहीं बैरिया के वीके यादव रेलवे बोर्ड चेयरमैन हैं। विवि इन सभी से सम्पर्क कर ‘लिविंग लेजेंड्स ऑफ बलिया ग्रुप में शामिल कर चुका है।

बनाया व्हाट्सअप ग्रुप, ये है जोड़ने की प्रक्रिया

विवि प्रशासन खुद के प्रयासों के साथ ही जिले के आम लोगों से बातकर भी ऐसी हस्तियों के बारे में जानकारी जुटा रहा है। विवि के जनसम्पर्क अधिकारी डा. जैनेन्द्र पांडे के अनुसार देश या विदेश के विभिन्न हिस्सों में रहने वालों को मोबाइल नम्बर व ई-मेल मिलने के बाद उनसे सम्पर्क किया जाता है। मेल के जरिए एक फार्म भेजकर कुछ जरूरी सूचनाएं मांगी जाती हैं। फार्म भरकर समिट करते हुए वे हमारे ग्रुप से जुड़ जाते हैं। इसके लिए बकायदा ‘लिविंग लेजेंड्स ऑफ बलिया व्हाट्सअप ग्रुप भी बनाया गया है। ग्रुप से जुड़ने वाली सभी हस्तियों को जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस (22 दिसम्बर) को आमंत्रित करने की भी विवि प्रशासन की योजना है।

‘राइजिंग स्टार ऑफ बलिया की भी पहल

‘लिविंग लेजेंड्स ऑफ बलिया के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन राइजिंग स्टार के जरिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उभरती मेधा को भी एकमंच पर लाने की योजना पर काम कर रहा है। कुलपति के अनुसार ‘राइजिंग स्टार ऑफ बलिया नाम से एक मंच बनाकर साहित्य, गीत-संगीत, विज्ञान, कला आदि के क्षेत्र में बेहतर काम कर रहे युवा मेधावियों को इससे जोड़ा जाएगा।

अपनों के बीच सेतुबंध होगा विश्वविद्यालय : कुलपति

कुलपति प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि किसी विवि द्वारा अपनी तरह का यह पहला प्रयास है। हमारी कोशिश है कि देश व दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे लोगों को उनके अपनों से जोड़ा जाय। इसमें विश्वविद्यालय सेतुबंध का काम करेगा। विश्वविद्यालय में जो छात्र-छात्राएं रिसर्च के लिए इनरोल्ड होंगे, उनके लिए विदेशों में बसे लोग गाइड की तरह होंगे। देश-दुनिया में क्या हो रहा है, इसके आधार पर रिसर्च के टॉपिक तय करने में मदद भी कर सकेंगे।

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