Thursday, 30 July 2015

वैभवशाली उमेद पैलेस (वेडिंग डेस्टिनेशन) जोधपुर.........

जोधपुर को राजस्थान का दिल कहा जाता है | इस राज्य की स्थापना राव जोधा ने 14वी शताब्दी में की थी , लेकिन आज भी यह शहर राजा राजवाडो की विरासत को बड़ी खूबसूरती से अपने में सहेजे हुए है | इसी शहर में उमेद भवन है , जो देश दुनिया में वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर काफी लोकप्रिय है ...........
जोधपुर में कई ऐसे किले , महल और मंदिर है , जो जोधपुर की गौरवशाली इतिहास की पूरी कहानी बयां करते है | इन्ही महलों में एक है उमेद भवन , जिसका निर्माण रजा उमेद सिंह ने वर्ष 1943 में कराया था | उन्ही के नाम पर इस महल को उमेद भवन कहा जाता है | करीब 26  एकड़ में फैले इस पैलेस को तराशे हुए पीले और सुनहरे रिंग के पथरो से बनाया गया है | उमेद भवन बड़े ही राजसी अंदाज में राजस्थान के धरोहर को समेटे हुए है | बेजोड़ कारीगिरी और नक्काशी इस महल की शोभा बढाती है | शाही शानो – शौकत से भरपूर इस पलके का रायल लुक पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है और इसी वजह से जो लोग जोधपुर घुमने आते है , वे यहाँ आये बिना नहीं रह पाते है | उमेद भवन के एक हिस्से को मुजियम और दुसरे हिस्से को हेरिटेज होटल बनाया गया है | इस महल में वास्तुकला का बेहतरीन नमूना देखने को मिलता है | इसकी दीवारों पर बहुत ही सुन्दर और कलात्मक कारीगिरी की गई है | नाईट में जब यह महल नाईट लैंप से जगमगाता है , तो इसकी सुन्दरता में चार चाँद लग जाते है |

लग्जरी से भरपूर......
इसी पैलेस में चालीस से ज्यादा लग्जरीयस कमरे है , जिनको सुविधावो के हिस्साब से रूम्स , रायल सुइट , महाराजा सुइट और महारानी सुइट में बाटा गया है | इन कमरों में आपको ट्रेडिशन और लग्जरी का बेहतरीन कॉम्बिनेशन मिलेगा | खिड़की और बालकोनी से नजर दौड़ाएंगे , तो दिलकश नज़ारे दिखाई देंगे | एंटिक डिजाइन का सोफा , बेड और इंटीरियर यहाँ के कमरों को आर्तिस्क टच देते है | यहाँ स्टायलिश फाउंटेन , पुल , स्पा और जिम फैसिलिटी का आनंद ले सकते है | खाने के लिए शानदार रफटाप रेस्टोरेंट है , जहा आप पैलेस की छत पर खुले असमान के निचे राजस्थानी लजीज ब्यंजनो का लुत्फ़ उठा सकते है | राजस्थान की संस्कृति से पर्यटकों से रूबरू करने के लिए शाम के वक्त यहाँ के लोकगीत , नृत्य और सांस्कृतिक कार्यकर्मो का भी आयोजन किया जाता है |

पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन
उमेद भवन शादी और प्राइवेट फंक्शन के लिए लोगो की पसंदीदा जगह है | इन सब के अलावा हानिमून कपल्स और अक्जाटिक ट्रेवलिंग का शौक रखने वालो को भी राजसी ठाठ – बाट वाला महल खूब लुभाता है | उमेद भवन में रुकना अपने आप बेहद सुकून भरा है , लेकिन शहर की सुन्दरता को करीब से देखना चाहते है , तो मेहरानगढ़ किला घुमने जा सकते है | पर्यटकों के बिच काफी लोकप्रिय है | फूल महल , झांकी महल और राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्क भी दर्शनीय है | यहाँ गणेश मंदिर और संतोषी माता के अलावा कई प्रसिद्ध मंदिर है |   

Monday, 13 July 2015

हमारे अन्नदाता पाई पाई और दाने – दाने का मोहताज़ है .......

हमारे अन्नदाता पाई पाई और दाने – दाने का मोहताज़ है | किसी के पास जमीं नहीं है तो किसी के सर पर छत नहीं मयस्सर है | महिलाये आज भी दोयम जिंदगी जीने को अभिशप्त है | कुल मिलकर ग्रामीण भारत की तस्वीर बहुत भयावह है | ऐसे में सवाल यह उठता है की आखिर इस स्तिथि की वजह क्या रहि ? क्या शहरों के गांवो के बिच की खाई इस दौरान निर्बाध रूप से चौड़ी होती गई ? क्या हमारी नीतिया, योजनाये और राजनितिक इच्छा शक्ति किसान और खेती का भला नहीं कर पाए जिसके वे हकदार थे |       

24.39 करोड़  – देश के कुल परिवारों के संख्या
17.91 करोड़ – गांवो में रहने वाले परिवारों की संख्या

 नीतियों का झुकाव -
किसी भी अर्थव्यवस्था में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र आर्थिक , वित्तीय  और सामाजिक रूप से आपस में गुंथे होते है | आदर्श स्तिथि तो यह होती है कि संसाधनों और सेवाओ का दोनों क्षेत्रो में संतुलन स्थापित होना चाहिए | दुर्भाग्य से भारत और चीन जैसे विकासशील देशो में यह विडंबना दिखती है | इन देशो में तेज़ गति से उद्योगीकरण में अपने ग्रामीण क्षेत्र के अतिरिक्त श्रम और संसाधनों को शहरी क्षेत्र में लगा दिया | लिहाजा शहरी क्षेत्र के इस असंगत विकाश का ग्रामीण क्षेत्र को बड़ा खामियाजा चुकाना पड़ रहा है .. |   

Sunday, 12 July 2015

अब तो छोडो फ़ास्ट फूड्स .....|| क्या वास्तव में हम अपनी जीवन शैली को लेकर जागरूक है ||

यह कहना गलत नहीं होगा की हमारा भोजन और जीवन शैली का सीधा असर हमारी मानसिक स्तिथि और स्वस्थ पर पड़ता है | मधुमेह , कोलेस्ट्राल और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के मामले पहले जहा लगभग 40 वर्ष की उम्र के बाद सामने आते है | वाही आज 25 से 30 वर्ष की उम्र वाले लोग इन बीमारियों से ग्रस्त हो रहे है |

यह बात हमे सोचने पर मजबूर करती है  कि क्या वास्तव में हम अपनी जीवन शैली को लेकर जागरूक हो रहे है|
खानपान में  बदलाव  -
देश पिछले कुछ दशको में लोगो की खानपान की प्रवृतियो  में काफी बदलाव आया है | भारतीयों  की खानपान की आदतों पर कुछ हद तक धार्मिक मान्यताओ का प्रभाव था , परन्तु अब आहार धीरे-धीरे सुविधा  पर आधारित होता जा रहा है | सुविधाजनक भोजन जहां बनाने में  आसान और स्वादिस्ट होता है| वही अब यह एक फैशन भी बनता जा रहा है | समय की कमी और मानसिक तनाव सबसे आम बहाना है  इन सुविधाजनक खाद्य पदार्थो के सेवन करने का | आजकल चिप्स , कोल्ड ड्रिंक्स , बिस्किट्स , पिज़्ज़ा , बर्गर , नुडल्स , चौमिंग और समोसा बहुत कम उम्र से ही लोगो के रोजमर्रा के आहार का हिस्सा बन जाते है | उदाहरण के तौर पर बच्चो के बिच कोल्ड ड्रिंक्स का खपत पिछले 20 वर्षो में लगभग 300 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी है | शारीरिक गतिविधियों में कमी और आसानी से उपलब्ध सुविधाजनक खाद्य पदार्थ बीमारियों को बढ़ावा दे रहे है |

पोषक तत्वों का आभाव -
इन दिनों मैगी में लेड और मोनो सोडियम ग्लुटामेंट की अत्यधिक मात्रा चर्चा का विषय है , परन्तु क्या मैगी में मैदे और सोडियम की मात्रा से हम अज्ञान थे ? अधिकतर जंकफूड्स या टू मिनट्स नुडल्स में न तो सही मात्रा में प्रोटीन होता है और नहीं कोई पोषक तत्व | इनमे सोडियम , ट्रांस फैट्स , शुगर और मैदा की मात्रा अधिक होती है | गौर करने वाली बात यह है की इन अस्स्वथ्कर आहार को पौष्टिक भोजन के रूप में दर्शाकर विगापनो के माध्यम से बढ़ावा दिया जाता है | 
तो ये है जायकेदार हेल्दी फूड्स -
खानपान से सम्बन्धित आदतों को सुधारने के लिए आपको स्वाद से समझौता करने की आवश्यकता नहीं है | जरुरत है हेल्दी फ़ूड को रोचक बनाने की| उदहारण के तौर पर ............
आलू टिक्की का विकल्प : - इसके बजाय सोयाबीन की टिक्की खाए और सब्जी के कबाब खाए |
मैदे के मोमोज का विकल्प : - गेहू के आटे का  मोमोज खाए और मोमोज में सब्जी डाले |
सूजी की इडली का विकल्प : - इसके स्थान पर ओट्स की इडली बनाये | ओट्स में फाइबर होता है और यह इडली स्वादिस्ट भी होती है |
कैचप का विकल्प : - पुदीने का या धनिये की चटनी का प्रयोग करे | सलाद में मेयोनीज की जगह निम्बू, हंग कर्ड (दही का पानी निकलकर ) का प्रयोग करे |
मैदे से बनी खाद्य वस्तुवो के स्थान पर फलो का सेवन करना सेहत के लिए लाभप्रद है | 

Saturday, 11 July 2015

आ अब लौट चले || जब स्मृति में कौंधता है अपना गाँव , अपने लोग ..||

सब कुछ मिला है शहर में | अच्छी शिक्षा , अच्छा खाना , अच्छा पहनावा और बेहतर जिंदगी , पर साथ ही है कुछ छुट जाने की कसक भी | अपनी मिटटी , अपनी जुडो से दूर होने की यह कसक और टीसती है , जब स्मृति में कौंधता है अपना गाँव , अपने लोग ...........

बारिश में भर जाते है नहर , पोखर, तालाब | इनमे एक साथ नहाते हुए बच्चे , बकरिया और भैस ,धुल में सने पैर लिए चौराहे या बैलगाड़ी पर सुस्ताते ग्रामीण ........ खेतो में उपलों पर थापी रोटी के साथ प्याज खाते लोग ....
एक भीनी सी खुशबु  फैली होती है चारो ओर ......| गाँव को याद करके सहसा ऐसी तस्वीरे जेहन में तैरने लगती है |एक जैसी सुबह  , एक तरह की शाम और एक रस होती  जा रही शहरी जिंदगी में नवरंग भरती  है ये तस्वीरे | ऊची -ऊची इमारतो , फ्लेट्स और शहर में बने आलिशान मकानों में वैसे जुड़ नहीं पाते हम , जैसा जुडाव होता है सालो से खड़े अपनी मिटटी , अपनी जमीं पर बने टूटे , जर्जर हो चुके दो कमरों वाले घर से |

तत्काल कर सकते है 50 दशो की यात्रा || तत्काल वीजा आन एराइवल की सुविधा ||


भारतीयों के दुसरे देशो में आने जाने की संख्या में वृद्धि हो रही है | इसको देखते हुए 50 से अधिक देशो ने भारतीय पासपोर्ट धारको को तत्काल वीजा आन एराइवल की सुविधा प्रदान कर दी है | जिससे भारतीयों को इन देशो में आने - जाने में परेशानी न हो | अधिकतर देश 14 से 30 दिन के लिए वीजा आन एराइवल की सुविधा देते है | इस सुविधा के बदले कुछ शुल्क देने होते है , यह हर देश के हिसाब से अलग अलग है | एशिया महाद्वीप में कम्बोडिया , श्रीलंका , थाईलैंड , हांगकांग , मकाउ , इंडोनेशिया , म्यामांर , वियतनाम, मालदीव , जार्डन , तिमोर , लाओस , अजरबैजान , क्रिगिस्तान , तजाकिस्तान और तुर्क्मेनिग्स्तान भारतीय को वीजा आन एरावल की सुविधा देते है | अफ्रीका में मारीशस , सेशल्स , इजिप्ट , केन्या , लाइबेरिया , तंजानिया , इथोपिया , मेडागास्कर , केप , गियाना , बिसायु , केमोरोस , टोगो , कैमरून , इरिटिया , मोजाम्बिक , उगांडा , गैबून , घाना और माली , दक्षिण अमेरिका में बोलिविया एंव गुयाना
उत्तरी अमेरिका में अल सल्वाडोर , , सेंट लुसीया , जमैका , सेंट किट्स एंव नेविस , सेंट विसेंट और ट्रिनिडाड एंव टोबेगो , युरोपे में अलबानिया एंव जार्जिया नामक देश भारतीय पासपोर्ट धारक को तत्काल वीजा इन एरावल की सुविधा देते है | ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के आस पास के देश फिजी , तूलोव , समोआ और नारू भी यह सुबिधा देते है |
कुछ शर्तो पर उतरना पड़ता है खरा : -
इन देशो की यात्रा करने वालो को कुछ शर्तो पर खरा उतरना पड़ता है | उदहारण के लिए उनके पास भारतीय पासपोर्ट जिसके समाप्त होने की अवधी चार माह से अधिक हो , वापसी का टिकट , एक निर्धारित धनराशी और दो पासपोर्ट साइज़ फोटो होना अवश्यक है , साथ ही उस देश में वह जहा रहेगा उसका पता |

Wednesday, 8 July 2015

नई राहे बना रही है सोशल मीडिया मार्केटिंग (Social Media Marketing)



लोकप्रियता बढानें का तरीका -
इस मार्केटिंग में सिर्फ उत्पादों को लोकप्रियता बढ़ाना ही मकसद नहीं , बल्कि कई नजरियों  से भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे है | उदाहरण के लिए 2008 में अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में बराक ओबामा ने ट्विटर और फेसबुक का जमकर इस्तेमाल किया था और इससे उनकी लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ था | समय समय पर उनके सोशल नेटवर्किंग प्रोफाइल पेजों को अपडेट किया गया और वे लोगो से सीधे जुड़े रहे | इसी का इस्तेमाल पिछले आम  चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी किया था , जिससे सोशल साइट्स पर उनकी लोकप्रियता बढ़ी थी |

कहाँ  कहाँ  होती है जरुरत  -सोशल मीडिया मार्केटिंग की ....
     
    ट्विटर : - ट्विटर कंपनियों को अपने उत्पादों को प्रमोट करने के लिए 140 करैक्टर की सीमा देती है , जिसमे छोटा ट्विट लिखा होता है | यह ट्विट सीधे तौर पर उस उत्पाद की वेबसाइट , फेसबुक प्रोफाइल , फोटो , विडियो आदि से जुड़ा  होता है | हालाँकि ट्विटर ने अब शब्द - सीमा बड़ा  कर अधिकतम 1000 करैक्टर कर दी है |

      यु-ट्यूब : - इसमें कंपनिया अपने उत्पाद को विडियो की सहायता से ग्राहकों तक पहुचाती है | उदाहरण के लिए अगर किसी ने कुत्ते की ट्रेनिंग पर शोध  किया है तो यह संभव है की उसे यहाँ ऐसा विडियो भी मेल जाये | भारत में हर माह आठ करोड़ लोग युट्यूब पर जाते है |


 
              फेसबुक : - इसमें किसी भी उत्पाद का विडियो , फोटो या लम्बी सी ब्याख्या आदि पोस्ट की जा सकती है | यह
सीधे तौर पर ट्विटर से लिंक होता है |

 
      गूगल प्लस : - यहाँ उत्पाद के साथ गूगल सर्च इंजन का विकल्प भी होता है , जिससे ग्राहक उसके बारे में और जानकारिया सर्च  कर सके |

   
         
 लिंक्डइन : - यह कंपनियों को प्रोफेशनल  प्रोफाइल बनाने का इजाजत देता है | इसमे भी ट्विटर आदि का लिंक अटैच्ड होता है |
     
           इस्टाग्राम : - मई 2014 तक ईस्टाग्राम के 2 करोड़  से अधिक उपयोगकर्ता थे | ईस्टाग्राम कंपनियों को  मौका देता है की वो लोगो से सीधे तौर पर जुड़ सके और अपनी बात रख सके |


       टंबलर : - यह कंपनियों को ब्लॉग बनाने को कहता है, जिसके जरिये ग्राहक उससे खुद संपर्क कर सके |  

Tuesday, 7 July 2015

शह -मात का खेल (Kazakhstan,Kyrgyzstan, Tajikistan, Turkmenistan, and Uzbekistan )



सोवियत संघ के विघटन के बाद पहली बार नरेन्द्र मोदी बतौर भारतीय प्रधानमंत्री पांचो मध्य एशियाई देशो की यात्रा पर गए है ( Kazakhstan,KyrgyzstanTajikistanTurkmenistan, and Uzbekistan )

इससे पहले जून , 1955 में पंडित जवाहरलाल नेहरु इन जगहों पर गए थे | 


तब ये देश तत्कालीन सोवियत संघ के हिस्सा थे | नेहरू ने ट्रेन से 10 दिनों में इन जगहों का भ्रमण किया था | इन देशो के अकूत तेल -गैस भंडार पर चीन की चाल के चलते भारत इस क्षेत्र में अपनी दोस्ती को बढाकर चीन आगे नहीं निकलने देना चाहता |